GPM Local Articles

GPM जिले में वन क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधन

GPM जिले में वन क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधन

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) छत्तीसगढ़ का 28वाँ जिला है, जो घने साल वनों, अचानकमार टाइगर रिज़र्व और UNESCO मान्यता प्राप्त अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फीयर रिज़र्व के लिए जाना जाता है। यहाँ 2,307 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले जंगल, 1,500 से अधिक पादप प्रजातियाँ और बैगा जनजाति की समृद्ध वन संस्कृति इसे छत्तीसगढ़ की हरित धरोहर बनाती है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के नजदीकी शहर और जिले

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के नजदीकी शहर और जिले

GPM यानी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही छत्तीसगढ़ का 28वाँ जिला है जो 10 फरवरी 2020 को बना। यह जिला बिलासपुर, कोरबा, कोरिया, मुंगेली (छत्तीसगढ़) और अनूपपुर (मध्य प्रदेश) जिलों से घिरा हुआ है। नजदीकी प्रमुख शहरों में पेंड्रा (6 किमी), अनूपपुर (44 किमी) और बिलासपुर (79–110 किमी) शामिल हैं।

GPM जिले का भूगोल: पहाड़, जंगल और नदियां

GPM जिले का भूगोल: पहाड़, जंगल और नदियां

छत्तीसगढ़ के 28वें जिले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की भौगोलिक विशेषताएं अद्वितीय हैं। 2,307 वर्ग किमी में फैला यह जिला मैकल पर्वत की गोद में बसा है, जहाँ से अरपा और सोन जैसी प्रमुख नदियाँ निकलती हैं और अचानकमार टाइगर रिजर्व के घने जंगल बाघ, गौर और 150 से अधिक पक्षी प्रजातियों का घर हैं।
पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन

पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन का महत्व और कनेक्टिविटी

पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन (कोड: PND) छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। SECR के बिलासपुर डिवीजन में स्थित इस स्टेशन पर 50 से अधिक ट्रेनें रुकती हैं और यह अचानकमार टाइगर रिजर्व का प्रवेश द्वार भी है।

Gaurela, Pendra और Marwahi के बीच सड़क कनेक्टिविटी

Gaurela, Pendra और Marwahi के बीच सड़क कनेक्टिविटी

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) छत्तीसगढ़ का 28वाँ जिला है, जो 10 फरवरी 2020 को अस्तित्व में आया। यह पहाड़ी और वनाच्छादित जिला NH-130 और SH-8 के माध्यम से बिलासपुर, रायपुर और मध्यप्रदेश के शहरों से जुड़ा है। इस ब्लॉग में जानें — प्रमुख राजमार्ग, बस सेवाएँ, रेल कनेक्टिविटी, दूरी तालिका और भविष्य की विकास संभावनाएँ।

ट्रेन, बस और सड़क से GPM जिले कैसे पहुंचें | गौरेला-पेंड्रा-मरवाही यात्रा गाइड 2025

ट्रेन, बस और सड़क से GPM जिले कैसे पहुंचें | गौरेला-पेंड्रा-मरवाही यात्रा गाइड 2025

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) छत्तीसगढ़ का 28वाँ जिला है, जो फरवरी 2020 में बिलासपुर से अलग होकर बना। इस ब्लॉग में जानें कि आप ट्रेन (पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन), बस (बिलासपुर, रायपुर, शहडोल से) और सड़क मार्ग (NH-130D) से GPM कैसे पहुंच सकते हैं — दूरी, समय और यात्रा टिप्स के साथ।
GPM क्षेत्र में समुदाय और सामाजिक जीवन

GPM क्षेत्र में समुदाय और सामाजिक जीवन

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) छत्तीसगढ़ का 28वाँ जिला है, जहाँ 57% से अधिक आदिवासी आबादी निवास करती है। इस ब्लॉग में जानें GPM की जनसंख्या, छत्तीसगढ़ी भाषा, धार्मिक स्थल, लोक संस्कृति, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सामाजिक जीवन की पूरी जानकारी — सरल हिंदी मे।

 

GPM जिले में बोली जाने वाली भाषाएं

GPM जिले में बोली जाने वाली भाषाएं

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला छत्तीसगढ़ राज्य का एक नवगठित जिला है, जिसे फरवरी 2020 में बिलासपुर जिले से अलग करके बनाया गया था। 2011 की जनगणना के अनुसार इस जिले की कुल जनसंख्या लगभग 3,36,420 है, जिसमें 57.09% अनुसूचित जनजाति के लोग हैं। यह आंकड़ा यहाँ की भाषाई बहुलता को भली-भांति दर्शाता है।

GPM जिले की जनसंख्या 2011: जनगणना डेटा और विश्लेषण

GPM जिले की जनसंख्या 2011: जनगणना डेटा और विश्लेषण

 GPM जिले की जनसंख्या 3,36,420 (2011) में 57% जनजातीय समुदाय हैं। लिंगानुपात 997 उत्कृष्ट है लेकिन साक्षरता 55.92% कम है। 90% ग्रामीण आबादी कृषि और वन उपज पर निर्भर है। जानें संपूर्ण जनसांख्यिकीय विश्लेषण।

Discover nearby shops and services across GPM District. GPM जिले की नज़दीकी दुकानों और सेवाओं को आसानी से खोजें। Scan QR Code | Read Reviews | Write Reviews | Connect Directly | List Your Business