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पेंड्रा और आसपास के मंदिर व पवित्र स्थल

पेंड्रा और आसपास के मंदिर व पवित्र स्थल

पेंड्रा (GPM जिला) के आसपास के पवित्र स्थल धार्मिक विविधता का एक अनूठा संगम हैं। 12वीं सदी का ज्वालेश्वर धाम, 51 टन शिवलिंग वाला अमरेश्वर महादेव, नर्मदा से जुड़ी माई की मड़प, कबीर-नानक मिलन का कबीर चबूतरा और छत्तीसगढ़ की एकमात्र जैन शैल-प्रतिमा बेनीबाई — सभी पेंड्रा से एक दिन की यात्रा में देखे जा सकते हैं।

GPM जिले में मनाए जाने वाले स्थानीय त्योहार

GPM जिले में मनाए जाने वाले स्थानीय त्योहार

GPM जिले में 57.09% आदिवासी जनसंख्या के साथ गोंड और बैगा जनजातियों के पर्व — हरेली (कृषि-आरंभ), करमा (प्रकृति पूजा), नवाखानी (नई फसल), पोला (बैल पूजन) और मड़ई (जनजातीय मेला) — यहाँ की संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति हैं।

GPM जिले में जल स्रोत और नदियां

GPM जिले में जल स्रोत और नदियां

GPM जिला छत्तीसगढ़ का वह अनोखा क्षेत्र है जहाँ से मनियारी नदी अचानकमार के जंगलों से निकलती है, और जहाँ अमरकंटक के पठार से नर्मदा, जोहिला और सोन जैसी महान नदियों का उद्गम होता है।

GPM जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल

GPM जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल जिन्हें आपको जानना चाहिए

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला धार्मिक विविधता का एक अद्भुत संगम है। यहाँ 12वीं सदी के कलचुरी काल का ज्वालेश्वर धाम, 51 टन के विशाल शिवलिंग वाला अमरेश्वर महादेव, छत्तीसगढ़ की एकमात्र ~25 फीट ऊँची जैन तीर्थंकर प्रतिमा (बेनीबाई), और संत कबीर-गुरु नानक की भेंट के साक्षी कबीर चबूतरा जैसे अनेक पवित्र स्थल हैं।

Gaurela–Pendra–Marwahi में जलवायु और मौसम का पैटर्न

Gaurela–Pendra–Marwahi में जलवायु और मौसम का पैटर्न

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला छत्तीसगढ़ के उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र में लगभग 617–618 मीटर की ऊँचाई पर बसा है। मैकल पर्वत श्रृंखला की गोद में स्थित होने के कारण यहाँ की जलवायु छत्तीसगढ़ के मैदानी जिलों से काफी अलग और ठंडी है। Köppen वर्गीकरण के अनुसार यह क्षेत्र आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय, शुष्क शीतकाल (Cwa) जलवायु क्षेत्र में आता है।

GPM जिले में वन क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधन

GPM जिले में वन क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधन

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) छत्तीसगढ़ का 28वाँ जिला है, जो घने साल वनों, अचानकमार टाइगर रिज़र्व और UNESCO मान्यता प्राप्त अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फीयर रिज़र्व के लिए जाना जाता है। यहाँ 2,307 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले जंगल, 1,500 से अधिक पादप प्रजातियाँ और बैगा जनजाति की समृद्ध वन संस्कृति इसे छत्तीसगढ़ की हरित धरोहर बनाती है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के नजदीकी शहर और जिले

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के नजदीकी शहर और जिले

GPM यानी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही छत्तीसगढ़ का 28वाँ जिला है जो 10 फरवरी 2020 को बना। यह जिला बिलासपुर, कोरबा, कोरिया, मुंगेली (छत्तीसगढ़) और अनूपपुर (मध्य प्रदेश) जिलों से घिरा हुआ है। नजदीकी प्रमुख शहरों में पेंड्रा (6 किमी), अनूपपुर (44 किमी) और बिलासपुर (79–110 किमी) शामिल हैं।

GPM जिले का भूगोल: पहाड़, जंगल और नदियां

GPM जिले का भूगोल: पहाड़, जंगल और नदियां

छत्तीसगढ़ के 28वें जिले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की भौगोलिक विशेषताएं अद्वितीय हैं। 2,307 वर्ग किमी में फैला यह जिला मैकल पर्वत की गोद में बसा है, जहाँ से अरपा और सोन जैसी प्रमुख नदियाँ निकलती हैं और अचानकमार टाइगर रिजर्व के घने जंगल बाघ, गौर और 150 से अधिक पक्षी प्रजातियों का घर हैं।
पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन

पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन का महत्व और कनेक्टिविटी

पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन (कोड: PND) छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। SECR के बिलासपुर डिवीजन में स्थित इस स्टेशन पर 50 से अधिक ट्रेनें रुकती हैं और यह अचानकमार टाइगर रिजर्व का प्रवेश द्वार भी है।

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