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GPM जिले के स्कूल: सरकारी और निजी

GPM जिले के स्कूल: सरकारी और निजी | सम्पूर्ण जानकारी

शिक्षा की नई रोशनी में GPM जिला

छत्तीसगढ़ का गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला 10 फरवरी 2020 को बिलासपुर जिले से अलग होकर राज्य के 28वें जिले के रूप में अस्तित्व में आया। जिले का अधिकांश भाग पहाड़ी, वनाच्छादित और आदिवासी बहुल है। यहाँ की कुल जनसंख्या का 57.09% अनुसूचित जनजाति से है, जिसके कारण शिक्षा के क्षेत्र में सरकार और प्रशासन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

इस जिले में सरकारी विद्यालयों का एक विशाल नेटवर्क है जो दूरदराज के गाँवों तक शिक्षा पहुँचाने का काम करता है। साथ ही, निजी विद्यालय भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

GPM जिले का सरकारी प्राथमिक विद्यालय - मॉर्निंग असेंबली

GPM जिले में स्कूलों की संख्या

जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट (gaurela-pendra-marwahi.cg.gov.in) के अनुसार GPM जिले में स्कूलों का विवरण इस प्रकार है:

विद्यालय का प्रकार संख्या
प्राथमिक विद्यालय (Primary School) 545
माध्यमिक विद्यालय (Secondary School) 234
हाई स्कूल (High School) 33
हायर सेकेंडरी स्कूल (Higher Secondary School) 34
अनुदान प्राप्त विद्यालय (Granted School) 10
निजी विद्यालय (Private School) 116
सीएम डीएवी विद्यालय (CM DAV School) 03
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) 03
कुल शालाएँ 844

जिले में कुल 844 शालाएँ संचालित हैं, जिनमें से 831 शालाएँ वर्तमान में यथावत चल रही हैं और 13 शालाओं का युक्तियुक्तकरण (rationalization) किया गया है।

सरकारी विद्यालय: GPM की शिक्षा की रीढ़

1. प्राथमिक विद्यालय (545 विद्यालय)

GPM जिले में 545 प्राथमिक विद्यालय हैं जो कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई कराते हैं। ये विद्यालय मुख्यतः ग्रामीण और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में स्थित हैं, जहाँ गोंड और बैगा जनजाति के बच्चे पढ़ते हैं। इन विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना के तहत कक्षा 1 से 4 के बच्चों को पौष्टिक भोजन दिया जाता है।

युक्तियुक्तकरण से पहले जिले में 130 प्राथमिक शालाएँ एकल-शिक्षकीय (single-teacher school) थीं, लेकिन अब इस प्रक्रिया के बाद एक भी प्राथमिक शाला शिक्षक-विहीन नहीं है।

2. माध्यमिक विद्यालय (234 विद्यालय)

कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई के लिए जिले में 234 माध्यमिक विद्यालय हैं। पहले 10 पूर्व माध्यमिक शालाएँ भी एकल-शिक्षकीय थीं, लेकिन अब युक्तियुक्तकरण के बाद इन सभी विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं।

3. हाई स्कूल (33 विद्यालय)

कक्षा 9 और 10 के लिए जिले में 33 हाई स्कूल संचालित हैं। ये विद्यालय छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) से संबद्ध हैं।

4. हायर सेकेंडरी स्कूल (34 विद्यालय)

कक्षा 11 और 12 की पढ़ाई के लिए जिले में 34 हायर सेकेंडरी विद्यालय हैं जहाँ विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय की पढ़ाई होती है।

5. अनुदान प्राप्त विद्यालय / Granted Schools (10 विद्यालय)

GPM जिले में 10 ग्रांटेड (अनुदान प्राप्त) विद्यालय हैं जो निजी प्रबंधन द्वारा चलाए जाते हैं लेकिन सरकार से आर्थिक अनुदान प्राप्त करते हैं। इन विद्यालयों में सरकारी नियमों का पालन होता है और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती है।

विशेष सरकारी शिक्षा योजनाएँ और विद्यालय

स्वामी आत्मानंद सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल (SAGES)

स्वामी आत्मानंद सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना 1 नवंबर 2020 को छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभावान बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।

GPM जिले में पेंड्रा और कोटमीकला (GPM) में स्वामी आत्मानंद सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और प्रशिक्षित शिक्षकों की टीम होती है। कक्षा 8 तक शिक्षा पूर्णतः निःशुल्क है।

इसके अलावा, सेमरा (Semra) में भी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लिए जिला प्रशासन ने भर्ती प्रक्रिया चलाई है, जो इस योजना के विस्तार का प्रमाण है।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय / KGBV (3 विद्यालय)

GPM जिले में 3 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) संचालित हैं। ये आवासीय विद्यालय विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की बालिकाओं के लिए बनाए गए हैं, जहाँ कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा नि:शुल्क आवास सुविधा के साथ दी जाती है।

CM DAV विद्यालय (3 विद्यालय)

GPM जिले में 3 CM DAV विद्यालय भी संचालित हैं। ये विद्यालय DAV (दयानंद एंग्लो वैदिक) प्रबंध समिति और छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से चलाए जाते हैं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाने जाते हैं।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS)

GPM जैसे आदिवासी बहुल जिले में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यह भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रमुख योजना है जो 1997-98 से संचालित है। डोगरिया में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का जीर्णोद्धार और नवीनीकरण कार्य जिला प्रशासन द्वारा किया गया है। इन विद्यालयों में ST (अनुसूचित जनजाति) के छात्र-छात्राओं को कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान की जाती है।

निजी विद्यालय: GPM में बढ़ता शिक्षा का विकल्प

GPM जिले में 116 निजी विद्यालय संचालित हैं जो अभिभावकों को अंग्रेजी माध्यम और सीबीएसई पाठ्यक्रम जैसे विकल्प प्रदान करते हैं। ये विद्यालय जिले के नगरीय और अर्ध-नगरीय क्षेत्रों, मुख्यतः गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में केंद्रित हैं।

जिले के कुछ उल्लेखनीय निजी विद्यालय

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी नोटिस के अनुसार निम्नलिखित निजी विद्यालय GPM जिले में संचालित हैं:

  • नवचेतना केरला अंग्रेजी माध्यम स्कूल, कोटमी — कोटमी क्षेत्र में स्थित एक निजी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय।
  • कंजन बाई चौकसे अंग्रेजी माध्यम स्कूल, पेंड्रा — पेंड्रा में स्थित अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के लिए जाना जाने वाला विद्यालय।
  • रंजित शिशु मंदिर, मरवाही — मरवाही क्षेत्र में संचालित एक प्रसिद्ध निजी विद्यालय।

नोट: अप्रैल 2026 में जिला शिक्षा अधिकारी ने इन तीन निजी विद्यालयों को बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) कार्य में लापरवाही बरतने पर स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया था, जो यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन निजी विद्यालयों पर भी सख्त निगरानी रखता है।

निजी विद्यालयों की विशेषताएँ

  • अधिकांश निजी विद्यालय हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में शिक्षा प्रदान करते हैं।
  • कुछ विद्यालय CBSE बोर्ड से संबद्ध हैं।
  • कई विद्यालयों में खेल मैदान, कंप्यूटर लैब और पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध है।
  • RTE (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत निजी विद्यालयों में 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं।

बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन: साइकिल वितरण योजना

GPM जिले में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइकिल वितरण योजना चलाई गई है। वर्ष 2020-21 में जिले में कुल 2,660 छात्राओं को साइकिल वितरित की गईं। इस योजना के प्रभाव से पिछले 5 वर्षों में विद्यालयों में छात्राओं की संख्या में प्रतिवर्ष लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

साइकिल वितरण योजना - GPM जिले में छात्राओं को साइकिल वितरण

युक्तियुक्तकरण: शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार

GPM जिले में शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण (Rationalization) एक महत्वपूर्ण सुधार प्रक्रिया रही है। इसके प्रमुख परिणाम:

  • जिले की 844 शालाओं में से 13 शालाओं का समायोजन किया गया और 831 शालाएँ यथावत संचालित हैं।
  • पहले 4 प्राथमिक शालाएँ शिक्षक-विहीन थीं, अब एक भी शाला शिक्षक-विहीन नहीं है।
  • पहले 130 प्राथमिक और 10 पूर्व माध्यमिक शालाएँ एकल-शिक्षकीय थीं, अब कोई भी ऐसी शाला शेष नहीं है।
  • बच्चों के ड्रॉपआउट दर में कमी आई है।
  • बेहतर भवन, प्रयोगशालाएँ और पुस्तकालय जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना आसान हुआ है।

GPM जिले में मिड-डे मील योजना

सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना के तहत कक्षा 1 से 4 के बच्चों को सप्ताह के विभिन्न दिनों में निर्धारित मेनू के अनुसार पौष्टिक भोजन दिया जाता है। यह योजना बच्चों को विद्यालय में नियमित रखने और उनके पोषण स्तर में सुधार करने में प्रभावी भूमिका निभा रही है।

मिड-डे मील योजना - GPM जिले के स्कूली बच्चे

GPM जिले के स्कूलों में प्रवेश: महत्वपूर्ण जानकारी

सरकारी विद्यालयों में प्रवेश

  • प्राथमिक से माध्यमिक तक प्रवेश निःशुल्क है।
  • RTE अधिनियम के तहत कमजोर वर्ग के बच्चों को प्राथमिकता।
  • एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रवेश के लिए प्रतिवर्ष प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है (कक्षा 6 के लिए)।
  • स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्रवेश के लिए cgschool.in/Saems पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है।
  • KGBV में प्रवेश के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें।

निजी विद्यालयों में प्रवेश

  • प्रवेश प्रक्रिया प्रत्येक विद्यालय की अपनी नीति के अनुसार होती है।
  • RTE के तहत 25% आरक्षण का लाभ लिया जा सकता है।

बेहतर कल की ओर GPM का शिक्षा अभियान

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला एक आदिवासी बहुल और भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण जिला है, फिर भी यहाँ का शिक्षा तंत्र तेजी से मजबूत हो रहा है। 844 शालाओं का नेटवर्क, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, एकलव्य आवासीय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और 116 निजी विद्यालय मिलकर इस जिले के बच्चों को एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जा रहे हैं।

युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, साइकिल योजना से बालिकाओं की स्कूल उपस्थिति बढ़ाना और नई शिक्षा नीति के तहत अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों का विस्तार — ये सभी प्रयास GPM जिले को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिला रहे हैं।

FAQs

प्रश्न 1: GPM जिले में कुल कितने सरकारी स्कूल हैं?

GPM जिले में जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार 545 प्राथमिक, 234 माध्यमिक, 33 हाई स्कूल और 34 हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। इसके अलावा 10 अनुदान प्राप्त विद्यालय, 3 CM DAV और 3 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भी हैं। जिले में कुल 844 शालाएँ हैं।

प्रश्न 2: GPM जिले में कितने निजी स्कूल हैं?

जिले की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार GPM जिले में 116 निजी विद्यालय हैं जो मुख्यतः गौरेला, पेंड्रा और मरवाही नगरीय क्षेत्रों में संचालित हैं।

प्रश्न 3: GPM जिले में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल कहाँ हैं?

GPM जिले में पेंड्रा और कोटमीकला में स्वामी आत्मानंद सरकारी उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित हैं। इस योजना में कक्षा 8 तक शिक्षा पूर्णतः निःशुल्क है। प्रवेश के लिए cgschool.in/Saems पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

प्रश्न 4: GPM जिले में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) कहाँ है और प्रवेश कैसे होता है?

GPM जिले के डोगरिया में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) स्थित है। इसमें अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को कक्षा 6 से निःशुल्क आवासीय शिक्षा मिलती है। प्रवेश के लिए प्रतिवर्ष मार्च में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। अधिक जानकारी के लिए eklavya.cg.nic.in देखें।

प्रश्न 5: GPM जिले में बालिका शिक्षा के लिए क्या विशेष सुविधाएँ हैं?

GPM जिले में बालिका शिक्षा के लिए 3 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) हैं जो ST/SC/OBC बालिकाओं को निःशुल्क आवासीय शिक्षा देते हैं। इसके अलावा साइकिल वितरण योजना के तहत 2020-21 में 2,660 छात्राओं को साइकिलें दी गईं, जिससे स्कूल में बालिकाओं की उपस्थिति में प्रतिवर्ष लगभग 10% की वृद्धि हुई है।

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