गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला 10 फरवरी 2020 को बिलासपुर जिले से अलग होकर छत्तीसगढ़ का 28वाँ जिला बना। भौगोलिक दृष्टि से पहाड़ी, वनाच्छादित और 57.09% आदिवासी आबादी वाले इस जिले में उच्च शिक्षा का विस्तार एक महत्वपूर्ण और सामाजिक रूप से जरूरी कदम है।
जिला अस्तित्व में आने से पहले यह क्षेत्र बिलासपुर विभाग का हिस्सा था, इसलिए यहाँ के अधिकांश उच्च शिक्षण संस्थान अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (ABVV), बिलासपुर से संबद्ध हैं। जिले में सरकारी महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक, जिला लाइवलीहुड कॉलेज और कौशल विकास केंद्र मिलकर युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगारपरक प्रशिक्षण के अवसर प्रदान कर रहे हैं।
GPM जिले के प्रमुख सरकारी महाविद्यालय
यह जिले का सबसे प्रमुख और पुराना सरकारी महाविद्यालय है। डॉ. भँवर सिंह पोर्ते एक प्रमुख आदिवासी नेता थे, जिनके नाम पर यह संस्थान समर्पित है। यह महाविद्यालय पेंड्रा के हजारों छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा का केंद्र बिंदु है।
उपलब्ध पाठ्यक्रम (कुल 16 कोर्स)
स्नातक पाठ्यक्रम (UG):
| पाठ्यक्रम | सीटें (अनुमानित) |
|---|---|
| बी.ए. (B.A.) | — |
| बी.कॉम (B.Com) | 80 |
| बी.एससी. (B.Sc) जीव विज्ञान समूह | 80 |
| बी.एससी. (B.Sc) गणित समूह | — |
| बी.सी.ए. (BCA) | 50 |
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (PG):
| पाठ्यक्रम | विषय |
|---|---|
| एम.ए. (M.A.) | हिंदी, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, समाजशास्त्र (प्रत्येक में 40 सीटें) |
| एम.कॉम (M.Com) | वाणिज्य |
| एम.एससी. (M.Sc) | विज्ञान विषय |
| पीजीडीसीए (PGDCA) | कंप्यूटर अनुप्रयोग |
सुविधाएँ
- सुसज्जित पुस्तकालय
- IT अवसंरचना और कंप्यूटर लैब
- खेल सुविधाएँ
- व्यायामशाला (Gymnasium)
- NEP 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम लागू
यह महाविद्यालय मरवाही क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। महाविद्यालय का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है, जो गोंड वंश की साहसी रानी और जनजातीय गौरव का प्रतीक हैं। महाविद्यालय की अपनी वेबसाइट है और यह NAAC मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल है।
उपलब्ध पाठ्यक्रम
- बी.ए., बी.एससी., बी.कॉम (स्नातक स्तर)
- स्नातक और डिप्लोमा दोनों स्तर के कोर्स
सुविधाएँ
- छात्रावास (Hostel) सुविधा उपलब्ध — दूरस्थ ग्रामीण छात्रों को यहाँ रहकर पढ़ने का अवसर मिलता है।
- पुस्तकालय एवं अन्य अवसंरचना
- NEP 2020 के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2024-25 से नए पाठ्यक्रम के तहत प्रवेश
GPM जिले में तकनीकी शिक्षा
GPM जिले में तकनीकी डिप्लोमा शिक्षा का एकमात्र शासकीय संस्थान शासकीय पॉलिटेक्निक, मरवाही है। यह संस्थान छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU), भिलाई से संबद्ध है। यहाँ 3 वर्षीय डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश 10वीं पास छात्र-छात्राएँ ले सकते हैं।
यह संस्थान जिले के उन युवाओं के लिए बेहद उपयोगी है जो इंजीनियरिंग में स्नातक (B.E./B.Tech) की डिग्री की बजाय सीधे रोजगार के लिए तकनीकी दक्षता हासिल करना चाहते हैं।
कौशल और व्यावसायिक शिक्षा
संचालक: जिला लाइवलीहुड कॉलेज सोसाइटी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
GPM जिले में जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज एक महत्वपूर्ण कौशल विकास संस्था है। जिला प्रशासन द्वारा 1 जुलाई 2024 को ट्रेनिंग पार्टनर/ट्रेनिंग प्रोवाइडर के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। इस कॉलेज में युवाओं को रोजगारोन्मुखी व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है जिससे वे सीधे उद्योगों में काम कर सकें या स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
संचालक: जिला प्रशासन, GPM
GPM जिले में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को उनकी रुचि और जरूरत के अनुसार विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य 12वीं के बाद उन छात्रों को रोजगार-योग्य कौशल प्रदान करना है जो नियमित स्नातक की पढ़ाई नहीं करना चाहते।
GPM जिले से जुड़े नजदीकी उच्च शिक्षण संस्थान
चूँकि GPM जिला बिलासपुर के बहुत करीब है और बिलासपुर ही इसका संभागीय मुख्यालय है, इसलिए जिले के छात्र बिलासपुर के निम्नलिखित प्रमुख संस्थानों में भी पढ़ने जाते हैं:
| संस्थान | विशेषता |
|---|---|
| अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (ABVV), बिलासपुर | GPM कॉलेजों की संबद्ध यूनिवर्सिटी; B.A., B.Com, B.Sc, M.A., M.Sc सहित दर्जनों पाठ्यक्रम |
| गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय), बिलासपुर | केंद्रीय विश्वविद्यालय; उन्नत शोध और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम |
| पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय (PSSOU) | दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से डिग्री; GPM के कामकाजी छात्रों के लिए उपयोगी |
| शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, पेंड्रा रोड | पेंड्रा रोड क्षेत्र में स्थित; B.E./B.Tech पाठ्यक्रम |
विश्वविद्यालय संबद्धता और प्रवेश प्रक्रिया
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (ABVV), बिलासपुर
GPM जिले के दोनों प्रमुख सरकारी महाविद्यालय — डॉ. भँवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय (पेंड्रा) और वीरांगना रानी दुर्गावती महाविद्यालय (मरवाही) — ABVV बिलासपुर से संबद्ध हैं।
ABVV के माध्यम से उपलब्ध पाठ्यक्रम: B.A., B.Com, B.Sc (Math/Bio), BCA, BBA, B.A. LLB, B.Com LLB, B.Lib, B.Sc (Hons) Computer Science, M.A., M.Com, M.Sc, LL.M., LL.B., PGDCA, P.G. Diploma in Business Management, P.G. Diploma in Computer Applications, Diploma in Computer Applications और अन्य।
ऑनलाइन प्रवेश: ABVV प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन onlineregistration.bilaspuruniversity.ac.in पर होता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) का प्रभाव
छत्तीसगढ़ में 335 सरकारी और 321 गैर-सरकारी महाविद्यालयों सहित 8 राजकीय विश्वविद्यालयों और 18 निजी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP) लागू की जा चुकी है। GPM जिले के महाविद्यालय भी इससे अछूते नहीं हैं।
NEP 2020 के तहत GPM के महाविद्यालयों में:
- बहुविषयक शिक्षा (Multidisciplinary Education) को बढ़ावा
- मल्टी-एंट्री / मल्टी-एग्जिट प्रणाली — 1 वर्ष में Certificate, 2 वर्ष में Diploma, 3 वर्ष में Degree लेने का विकल्प
- 42 स्किल एन्हांसमेंट कोर्स और 108 जनरिक इलेक्टिव उपलब्ध
- शैक्षणिक सत्र 2024-25 से नए NEP पाठ्यक्रम के तहत प्रवेश शुरू
GPM जिले में उच्च शिक्षा का भविष्य
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2026 में राज्य के 36 शासकीय महाविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है। वर्ष 2025-26 में 25 महाविद्यालयों के लिए प्रति महाविद्यालय ₹3 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
GPM जिले के छात्रों के लिए दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा के विकल्प भी उपलब्ध हैं:
- पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय (PSSOU) के माध्यम से घर बैठे डिग्री
- IGNOU (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय) के अध्ययन केंद्र
- स्वयं पोर्टल (SWAYAM) और NPTEL के माध्यम से ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स
GPM जिले में छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता
GPM जिले के आदिवासी और कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अनेक छात्रवृत्ति योजनाएँ उपलब्ध हैं:
- छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना — ST/SC छात्रों के लिए
- जनजाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग छात्रवृत्ति (schoolscholarship.cg.nic.in)
- राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) — OBC, minority, EWS छात्रों के लिए
- अनुसूचित जनजाति के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति — जिसका लाभ GPM के 57% आदिवासी छात्र ले सकते हैं
GPM में उच्च शिक्षा का उज्ज्वल कल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला भले ही एक नया और दूरस्थ जिला है, लेकिन यहाँ उच्च शिक्षा की नींव मजबूत हो रही है। डॉ. भँवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय (पेंड्रा), वीरांगना रानी दुर्गावती महाविद्यालय (मरवाही), शासकीय पॉलिटेक्निक (मरवाही), जिला लाइवलीहुड कॉलेज और मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना मिलकर जिले के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
NEP 2020 के लागू होने से शिक्षा और अधिक लचीली और रोजगारपरक बनी है। आने वाले वर्षों में यदि GPM जिले में इंजीनियरिंग, नर्सिंग या कृषि कॉलेज खुलते हैं तो इस क्षेत्र के आदिवासी और ग्रामीण युवाओं के लिए यह जीवन बदलने वाला बदलाव होगा।
FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: GPM जिले में कौन-कौन से सरकारी महाविद्यालय हैं?
GPM जिले में डॉ. भँवर सिंह पोर्ते शासकीय महाविद्यालय, पेंड्रा (स्थापना 1982, NAAC "C") और वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय, मरवाही दो प्रमुख सरकारी महाविद्यालय हैं। दोनों ABVV बिलासपुर से संबद्ध हैं। मरवाही में शासकीय पॉलिटेक्निक भी तकनीकी डिप्लोमा कोर्स के लिए उपलब्ध है।
प्रश्न 2: GPM जिले के कॉलेजों में कौन-कौन से पाठ्यक्रम मिलते हैं?
पेंड्रा के डॉ. भँवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय में B.A., B.Com, BCA, B.Sc (जीव व गणित समूह) जैसे स्नातक और M.A. (6 विषयों में), M.Com, M.Sc, PGDCA जैसे स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं — कुल 16 कोर्स। मरवाही महाविद्यालय में B.A., B.Sc, B.Com के साथ PG और डिप्लोमा कोर्स हैं। पॉलिटेक्निक में 3 वर्षीय डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम मिलते हैं।
प्रश्न 3: GPM जिले के कॉलेजों में प्रवेश के लिए कहाँ आवेदन करें?
ABVV से संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए onlineregistration.bilaspuruniversity.ac.in पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। स्किल कोर्सों के लिए जिला प्रशासन की वेबसाइट gaurela-pendra-marwahi.cg.gov.in देखें।
प्रश्न 4: GPM जिले में इंजीनियरिंग या मेडिकल की पढ़ाई कहाँ करें?
अभी GPM जिले में कोई इंजीनियरिंग या मेडिकल कॉलेज नहीं है। इसके लिए छात्र पास के बिलासपुर में जा सकते हैं, जहाँ शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर (GEC Bilaspur, स्थापना 1964) और CIMS मेडिकल कॉलेज जैसे विकल्प हैं। GPM में तकनीकी शिक्षा के लिए शासकीय पॉलिटेक्निक, मरवाही में 3 वर्षीय डिप्लोमा का विकल्प उपलब्ध है।
प्रश्न 5: GPM जिले के आदिवासी छात्रों के लिए उच्च शिक्षा में क्या विशेष सहायता उपलब्ध है?
GPM जिले की 57% आदिवासी जनसंख्या के लिए ST पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति, जिला लाइवलीहुड कॉलेज में निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण जैसी योजनाएँ उपलब्ध हैं। अधिक जानकारी के लिए schoolscholarship.cg.nic.in देखें।